कैथल में 2 जून को साइकिल यात्रा निकालेंगे सरकारी कर्मचारी:पुरानी पेंशन बहाली की मांग, बोले- सरकार कर रही अनदेखी, पीएम को भेजेंगे लेटर
कैथल में पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति दो जून को बड़ा प्रदर्शन करेगी। इसमें कैथल जिले के साथ साथ अन्य जिलों से भी कर्मचारी शामिल होंगे। इस संबंध में पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने बताया कि दो जून को बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह कैथल शहीद स्मारक पर इकट्ठे होंगे और वहां से साइकिल यात्रा पूरे शहर में निकाली जाएगी। यात्रा निकालते हुए सचिवालय तक जाएंगे और प्रशासन को प्रधानमंत्री व सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान विजेंद्र धारीवाल ने बताया कि वे काफी लंबे समय से ओपीएस को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने आंदोलन भी किए और प्रदर्शन भी किए। इस दौरान उनको तरह तरह से आश्वासन भी मिले, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं की गई। अगर पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाए तो वह न केवल कर्मचारियों बल्कि सरकार के लिए भी फायदेमंद है।
नई पेंशन नीति में कर्मचारियों की 10 प्रतिशत सैलरी का हिस्सा काटा जाता है और सैलरी का 14 प्रतिशत इसमें सरकार इनवेस्ट करती है। ये 14 प्रतिशत पैसा आम जनता का है, जो सरकारी खजाने से कर्मचारियों की पेंशन के नाम पर शेयर मार्केट में निवेश किया जाता है। इसमें दुख की बात ये है कि जो पैसा मार्केट में लगाया गया, उसकी सेफ्टी की कोई गारंटी बिल में नहीं रखी गई है।
उन्होंने खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण शेयर मार्केट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और इससे पैसा उनका कम हो रहा है। जब पैसा कम होगा तो कर्मचारियों के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है। रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को 60 प्रतिशत जमा राशि दी जाती है और 40 प्रतिशत की पॉलिसी दी जाती है। उसी का कर्मचारी को ब्याज दिया जाता है। ऐसे में बयाज को पेंशन नहीं कहा जा सकता।
आज भारत देश विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, लेकिन फिर भी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही। शेयर मार्केट में पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पैसा लगाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए।





