कैथल में जहरीले सांप का कहर! 2 मासूम बच्चों की मौत, एक बेड तो दूसरी जमीन पर सो रही थी
कैथल जिले में दो अलग-अलग जगहों पर 2 बच्चों को जहरीले सांपों ने डंस लिया। सर्पदंश से दोनों ही बच्चों की मौत हो गई। एक मामला कैथल की शुगर मिल कॉलोनी का है। जहां 10 साल के बच्चे को सांप ने डंसा और दूसरा मामला गांव गदली का है, जहां 3 साल की बच्ची को सांप ने डंसा। दोनों को परिजन कैथल के नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घाषित कर दिया।

शुगर मिल कॉलोनी में रहने वाला बच्चा हर्ष अपने परिवार के साथ बेड पर सो रहा था। सांप बेड पर चढ़ा और बच्चे को डंस लिया। वहीं दूसरी ओर गांव गदली में 3 वर्षीय बच्ची रंगोली अपने परिवार के साथ जमीन पर सो रही थी।
जैसे ही लड़की को सांप ने काटा तो वह रोने लगी। परिजन उसको अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए कैथल नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवाया है।

शुगर मिल कॉलोनी निवासी विनोद ने बताया कि उसकी भतीजा हर्ष अपने परिवार के साथ बेड पर सोया हुआ था। मकान के पीछे काफी झाड़ियां उगी हुई हैं। वहीं से सांप आया और बेड पर गिर गया। उसने हर्ष को पेट और बाजू पर डंस लिया। बच्चे ने तुरंत उठकर कहा कि उसे चूहे ने काट लिया, लेकिन परिजनों ने देखा तो वहां सांप मिला। उन्होंने सांप को मार दिया। वे उसे अस्पताल लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हर्ष छठी कक्षा का छात्र था। उसके पिता संजय की चार महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। परिवार में अब उसकी मां रीना और बड़ा भाई चिराग हैं। रीना विधवा पेंशन और मजदूरी करके परिवार को पाल रही है।

वहीं दूसरे मामले में गांव गदली निवासी सुभाष कुमार ने बताया कि उसकी बेटी रंगोली को सुबह 4 बजे सांप ने डंसा। बच्ची तुरंत रोने लगी। उन्होंने बच्ची को संभाला तो निशान देखकर पता चला कि उसे सांप ने काटा है। बच्ची अपने माता-पिता के बीच में सो रही थी। वे पहले उसको मेडिकल स्टोर पर लेकर गए, लेकिन वहां से उनको नागरिक अस्पताल भेज दिया गया। सुभाष ने बताया कि उसके पास अब एक बेटी रह गई है।
वहीं परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से मना कर दिया। उन्होंने मोर्चरी के कर्मचारियों को कहा कि वे पोस्टमॉर्टम नहीं करवाना चाहते, उनको बच्चों के शव सौंप दिए जाएं। बाद में कर्मचारियों ने कहा कि यह कार्य पुलिस की ओर से किया जा सकता है, जिसके बाद परिजन मान गए





