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Saturday, September 26, 2026

हाईकोर्ट में खारिज हुई उचाना MLA की याचिका:बृजेंद्र की रिकाउंटिंग मांग पर लगवाना चाह रहे थे रोक, 32 वोटों से जीती थी BJP

जींद जिले की उचाना विधानसभा सीट 2024 चुनावों के वोटों की रिकाउंटिंग पर रोक लगाने की मांग को लेकर MLA देवेंद्र अत्री द्वारा लगाई गई याचिका को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री की तरफ से बृजेंद्र सिंह की संशोधित याचिका को खारिज करने की मांग की गई थी।

कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति अनूप चिटकारा की अदालत ने 11 सितंबर को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज इस पर निर्णय सुनाते हुए देवेंद्र अत्री की याचिका को खारिज कर दिया है। अब बृजेंद्र सिंह की याचिका पर नियमित सुनवाई शुरू होगी। जिसके लिए 19 सितंबर की डेट लगी है। जिस पर चार्ज फ्रेम करने की कार्रवाई शुरू होगी।

उचाना विधानसभा सीट पर कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए बृजेंद्र सिंह 32 वोटों से चुनाव हार गए थे। इसके बाद बृजेंद्र सिंह ने चुनाव याचिका दायर करते हुए कहा था कि पोस्टल बैलेट पेपर जो स्कैन नहीं हो पाए थे, उन्हें एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत वीडियोग्राफी के बीच खोला जाना चाहिए था, क्योंकि इनकी संख्या चुनाव परिणाम के अंतर से कहीं ज्यादा थी।

उचाना से कांग्रेस प्रत्याशी रहे बृजेंद्र सिंह।
उचाना से कांग्रेस प्रत्याशी रहे बृजेंद्र सिंह।

इस मामले में बाद में बृजेंद्र सिंह ने अपनी चुनाव याचिका में कुछ और बातें भी जोड़ी थी, जिसके बाद भाजपा विधायक देवेंद्र अत्री ने कहा था कि बृजेंद्र सिंह की चुनाव याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि यह चुनाव याचिका सुनवाई करने के योग्य ही नहीं है।

इसी सिलसिले में कोर्ट में दोनों पक्षों के बीच दलीलें चल रही थी। गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान देवेंद्र अत्री के वकील ने याचिका को खारिज करने की मांग की। इसके बाद याचिकाकर्ता बृजेंद्र सिंह के वकील द्वारा देवेंद्र अत्री की दलीलों के विरोध में अपनी दलील पेश की गई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई के दौरान इस पर कुछ निर्णय लिया जाएगा।

जींद के उचाना से BJP MLA देवेंद्र अत्री।
जींद के उचाना से BJP MLA देवेंद्र अत्री।

उचाना सीट पर भाजपा के देवेंद्र अत्री ने मात्र 32 वोटों से बृजेंद्र सिंह को हराया था। मार्च 2025 में बृजेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा था कि जो कैंसिल या रिजेक्ट वोट होते हैं, यदि उसका अंतर इलेक्शन की हार-जीत के अंतर से ज्यादा है, तो गिनती खत्म होने के बाद उन सभी कैंसिल वोटों की दोबारा से जांच रिटर्निंग अधिकारी को मौके पर करनी होती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उचाना विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र अत्री को 48 हजार 968 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह को 48 हजार 936 वोट मिले थे। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह 32 वोटों से हार गए थे। इस चुनाव में 400 के करीब बैलेट पेपर की काउंटिंग की गई थी, तो इनमें से 215 वोट त्रुटियों के कारण रिजेक्ट या कैंसिल हो गए थे।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

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