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रूस-यूक्रेन युद्ध में हरियाणा के मर्चेंट नेवी जवान की मौत | क्रूज मिसाइल हमले में गई जान |

गुरप्रीत सिंह की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

गुरप्रीत सिंह की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। (फाइल फोटो)

यमुनानगर ( Sahil Kasoon )एक मर्चेंट नेवी जवान की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। नाविक गुरप्रीत सिंह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से शिप के साथ रवाना हुए थे। इसी दौरान एक क्रूज मिसाइल से जहाज पर हमला हुआ।

इस हमले में गुरप्रीत सिंह सहित चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले में कुल 10 लोगों की मौत की सूचना है। गुरप्रीत परिवार में इकलौता बेटा था।

6 महीने पहले ही गुरप्रीत एक बेटी के पिता बने थे। उनके पिता किर्तन सिंह का कहना है कि बेटे के शव को भारत लाने के लिए 10 दिन का समय लग सकता है। सरकार को जल्द ही शव भारत लाने की व्यवस्था करनी चाहिए।

गुरप्रीत इसी शिप पर तैनात थे, जिस पर मिलाइल अटैक हुआ।
गुरप्रीत इसी शिप पर तैनात थे, जिस पर मिलाइल अटैक हुआ।

यमुनानगर के पंजेटो गांव निवासी गुरप्रीत 12 जून को तुर्की गए थे। उनके पिता किर्तन सिंह का कहना है कि 19 जुलाई को गुरप्रीत का शिप ‘एमवी लियो’ ओडेसा बंदरगाह से चला था। इस शिप पर चालक दल के 17 सदस्य मौजूद थे। इनमें 5 भारतीय शामिल थे।

किर्तन सिंह के अनुसार, शिप बंदरगाह से रवाना हुआ। इसी दौरान एक क्रूज मिसाइल ने उस पर अटैक कर दिया। मिसाइल सीधे शिप से टकराई, जिससे भीषण विस्फोट हुआ और कई चालक दल के सदस्य इसकी चपेट में आ गए। सोमवार दोपहर कंपनी की ओर से फोन कर उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली।

गांव पंजेटो में गुरप्रीत के घर पहुंचे ग्रामीण।
गांव पंजेटो में गुरप्रीत के घर पहुंचे ग्रामीण।

किर्तन सिंह ने बताया कि उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहती है, वहीं गुरप्रीत मर्चेंट नेवी में था। करीब डेढ़ साल पहले गुरप्रीत की शादी हुई थी। उसकी 6 माह की एक बेटी भी है।

किर्तन सिंह के अनुसार, गुरप्रीत 2018 में पहली बार मर्चेंट नेवी के काम से तुर्की गया था। इसके बाद वह वापस घर आया और 2020 में ईरान चला गया। 2022 में वह फिर भारत लौट आया। इसी दौरान करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी हुई थी। इसके बाद 12 जून 2026 को वह फिर से तुर्की गया था।

पिता किर्तन सिंह के साथ गुरप्रीत सिंह। (फाइल फोटो)
पिता किर्तन सिंह के साथ गुरप्रीत सिंह। (फाइल फोटो)

किर्तन सिंह ने बताया कि 2016 में हुए एक सड़क एक्सीडेंट के बाद उनका पैर काटना पड़ा था। अब परिवार की पूरी जिम्मेदारी बेटे गुरप्रीत पर ही थी। वह पूरे परिवार का सहारा था। उसकी कमाई से ही घर खर्च चलता था। अब बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है।

उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे गुरप्रीत से आखिरी बार बात हुई थी। उसने फोन पर परिवार के सभी का हालचाल पूछा था। वीडियो कॉल कर बेटी को भी देखा था। गुरप्रीत कुछ ही दिनों में छुट्टी लेकर घर लौटने वाला था।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

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