करनाल के राजीव की अर्मेनिया में मौत, 4 साल पहले कर्ज लेकर भेजा था विदेश; शव पहुंचते ही मां-बहन बेसुध

हरियाणा के करनाल के 21 वर्षीय राजीव की अर्मेनिया में मौत हो गई। उसके साथ रहने वाले रूममेट ने फोन कर परिवार को घटना की जानकारी दी थी। बताया कि काम खत्म करने के बाद वह कमरे पर पहुंचा तो राजीव बेड पर लेटा हुआ था। कुछ समय बाद उसने राजीव को हिलाकर देखा, लेकिन उसकी सांसें नहीं चल रही थीं।
इसके बाद सूचना पर लोकल पुलिस मौके पर पहुंची और राजीव को मृत घोषित कर दिया। सोमवार को राजीव की डेडबॉडी गांव पहुंची, जिसे देख उसकी मां और बहन बेसुध हो गई। परिवार के लोगों ने किसी तरह दोनों को संभाला।
परिवार के मुताबिक, राजीव 2022 में काम की तलाश में अर्मेनिया गया था। 5 से 6 लाख रुपए कर्ज लेकर उसे भेजा था। बेटा वहां कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करता था। परिवार ने उसकी मेहनत के दम पर ही मकान बनाना शुरू किया। मगर, अब बेटे की मौत से परिवार की उम्मीदें धराशाही हो गई हैं।
राजीव का शव देख रोते-बिलखते भाई-बहन, PHOTO


राजीव के परिवार में भाई-बहन के अलावा मां कमलेश है। पिता की मौत हो चुकी है। राजीव छोटा बेटा था, जबकि अभिषेक बड़ा है। परिवार दिहाड़ी मजदूरी करता है। वर्ष 2022 में करीब 5 से 6 लाख का कर्ज उठाकर राजीव को अर्मेनिया भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह विदेश में मेहनत कर आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगा।
बड़े भाई अभिषेक के मुताबिक, राजीव ने वहां कंस्ट्रक्शन साइट पर काम शुरू कर परिवार की आर्थिक मदद करनी भी शुरू कर दी थी। इसी वजह से कुछ समय पहले ही परिवार ने मकान बनवाने का काम शुरू किया था। अभिषेक रोजाना मकान के काम की फोटो राजीव भेजता था।
अभिषेक ने बताया कि 18 दिन पहले राजीव के एक रूममेट की कॉल आई। उसने बताया कि काम खत्म करने के बाद वह कमरे पर पहुंचा तो राजीव बेड पर लेटा हुआ था। मगर, जब कुछ देर तक शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो उसने राजीव को हिलाकर देखा। पता चला कि उसकी सांस नहीं चल रही थी।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राजीव को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, राजीव की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। वह बिल्कुल खुश था और घटना वाले दिन भी परिवार से बातचीत हुई थी।

राजीव की मां कमलेश ने बताया कि उन्होंने बेटे को कर्ज लेकर विदेश भेजा था, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। राजीव रोज फोन करता था, लेकिन एक दिन बार-बार फोन मिलाने के बावजूद उससे बात नहीं हो सकी। इसके बाद उसकी मौत की खबर मिली तो परिवार टूट गया।
कमलेश ने कहा कि उन्होंने जिंदगी में ऐसा दिन देखने की कभी कल्पना नहीं की थी। अब उन्हें किसी चीज की जरूरत नहीं है, वह सिर्फ आखिरी बार अपने बेटे राजीव का चेहरा देखना चाहती थीं।
परिजन सुभाष ने बताया कि राजीव की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार और समाज के लोग मुख्यमंत्री हरियाणा से मिले थे। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि 11 दिनों में शव भारत पहुंच जाएगा। सुभाष ने कहा कि आज 11वां दिन है और शव उनके पास पहुंच चुका है। अंतिम दर्शन के बाद राजीव का दाह संस्कार कर दिया गया। परिवार ने सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया।




