मंदिर की प्राचीन छड़ियों से चांदी चोरी करने के मामले में सीआईए कलायत द्वारा आरोपी महंत व सुनार काबू, करीब 1 किलोग्राम चांदी बरामद की प्राचीन समाधि है, जहां बाबा दरबारपुरी के गद्दी वाले कमरे में दो प्राचीन छड़ियां रखी हुई थीं। जिन पर चांदी की परत व छड़ियों में चांदी के साथ धातु से पुरानी निकासी जुड़ी हुई थी। 18 अगस्त को जब वह मंदिर में कमरे की सफाई कर रहा था, तो उसने देखा कि बाबा दरबारपुरी की दोनों प्राचीन छड़ियों पर भगवा रंग का कपड़ा लिपटा हुआ था। इस बारे में उसने मंदिर के सेवादारों व मंदिर में रहने वाले महंत अमरनाथ पुरी को बुलाकर छड़ियां दिखाईं। जब दोनों छड़ियों से भगवा कपड़ा हटाकर देखा तो उन पर लगी पुरानी चांदी की परत उतरी हुई मिली। उसने महंत अमरनाथ पुरी से इस बारे में पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। महंत अमरनाथ पुरी की देखरेख में डेरा संचालित होता है। दोनों छड़ियों पर करीब 1 किलोग्राम चांदी की परत लगी हुई है। जिस बारे थाना गुहला में मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच सीआईए कलायत प्रभारी एएसआई मनीष कुमार की अगुवाई में एएसआई नरेंद्र सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी महंत अमरनाथ पुरी को काबू कर लिया। महंत से व्यापक पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि मंदिर की छड़ियों से उतारी गई चांदी उसने गांव रामथली में स्थित दुकान मालिक हनुमान कॉलोनी, चीका निवासी सुनार नानूराम को बेच दी थी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनार नानूराम को भी काबू कर लिया। दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 1 किलोग्राम चोरीशुदा चांदी बरामद कर ली गई। दोनों आरोपी अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए। फोटो नं-1- जानकारी देते हुए डीएसपी क्राइम सुशील प्रकाश। फोटो नं-2- दोनों आरोपी सीआईए कलायत पुलिस गिरफ्त में।
कैथल, 21 सितंबर ( साहिल कसून ) मंदिर में रखी प्राचीन छड़ियों से चांदी चोरी करने के मामले में सीआईए कलायत आरोपी डेरा बाबा दरबारपुरी रामथली के महंत को काबू कर लिया गया। आरोपी महंत से व्यापक पूछताछ के बाद चांदी खरीदने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीएसपी क्राइम सुशील प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव रामथली निवासी महावीर शर्मा की शिकायत अनुसार गांव में बाबा दरबारपुरी की प्राचीन समाधि है, जहां बाबा दरबारपुरी के गद्दी वाले कमरे में दो प्राचीन छड़ियां रखी हुई थीं। जिन पर चांदी की परत व छड़ियों में चांदी के साथ धातु से पुरानी निकासी जुड़ी हुई थी। 18 अगस्त को जब वह मंदिर में कमरे की सफाई कर रहा था, तो उसने देखा कि बाबा दरबारपुरी की दोनों प्राचीन छड़ियों पर भगवा रंग का कपड़ा लिपटा हुआ था। इस बारे में उसने मंदिर के सेवादारों व मंदिर में रहने वाले महंत अमरनाथ पुरी को बुलाकर छड़ियां दिखाईं। जब दोनों छड़ियों से भगवा कपड़ा हटाकर देखा तो उन पर लगी पुरानी चांदी की परत उतरी हुई मिली। उसने महंत अमरनाथ पुरी से इस बारे में पूछा तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। महंत अमरनाथ पुरी की देखरेख में डेरा संचालित होता है। दोनों छड़ियों पर करीब 1 किलोग्राम चांदी की परत लगी हुई है। जिस बारे थाना गुहला में मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की जांच सीआईए कलायत प्रभारी एएसआई मनीष कुमार की अगुवाई में एएसआई नरेंद्र सिंह की टीम द्वारा करते हुए आरोपी महंत अमरनाथ पुरी को काबू कर लिया। महंत से व्यापक पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि मंदिर की छड़ियों से उतारी गई चांदी उसने गांव रामथली में स्थित दुकान मालिक हनुमान कॉलोनी, चीका निवासी सुनार नानूराम को बेच दी थी। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनार नानूराम को भी काबू कर लिया। दोनों आरोपियों के कब्जे से करीब 1 किलोग्राम चोरीशुदा चांदी बरामद कर ली गई। दोनों आरोपी अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए।

जानकारी देते हुए डीएसपी क्राइम सुशील प्रकाश।

दोनों आरोपी सीआईए कलायत पुलिस गिरफ्त में।




