loader image
Thursday, June 4, 2026

दिल्ली होटल अग्निकांड-गुरुग्राम का पूरा परिवार जिंदा जला:5 फैमिली मेंबर, 3 रिश्तेदार मारे गए; बीमार पिता को देखने आए थे

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में लगी आग में जिंदा जले गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के पांचों सदस्यों का गुरुवार को सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे में जाने गंवाने वाले सीए विवेक अग्रवाल को चचेरे भाई, पत्नी तर्जनी को उनके भाई, मां प्रेमलता को देवर, बेटी जीविशा और वारिया को चचेरे भाइयों ने मुखाग्नि दी।

पांचों परिजन मंगलवार को बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने दिल्ली पहुंचे थे। इसी दौरान वे होटल फ्लोरिश में रुके थे और हादसे का शिकार हो गए। गुरुवार को दिल्ली एग्स में सभी का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद एंबुलेंस से सभी की बॉडी गुरुग्राम सेक्टर-46 स्थित सीए के आवास पर लाई गईं। यहां कुछ देर अंतिम दर्शन से लिए पांचों शवों को रखा गया।

करीब सवा तीन बजे सभी डेडबॉडी को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस से ही सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट भेजा गया, जहां नम आखों से पड़ोसी और रिश्तेदार मिलकर उनका अंतिम संस्कार किया।

उधर, एक साथ परिवार के पांचों सदस्यों की मौत ने पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों में गहरा शोक है। विवेक अग्रवाल के पड़ोसी सतनारायण भारद्वाज और सुशीला भारद्वाज सभी की मौत से काफी दुखी हैं। सुशीला ने बताया कि वो विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल की फ्रेंड थीं और रोजाना सैर करते समय मुलाकात करती थीं।

पांचों शवों को एंबुलेंस से ही गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित श्शाओरन घाट भेजा गया।
पांचों शवों को एंबुलेंस से ही गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित श्शाओरन घाट भेजा गया।
गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट में पांचों शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी करते रिश्तेदार और पड़ोसी।
गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट में पांचों शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी करते रिश्तेदार और पड़ोसी।

जान गंवाने वाले सीए विवेक अग्रवाल इंश्योरेंस देखो कंपनी में फाइनेंशियल हेड थे। उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल पेशेवर रूप से इवेंट मैनेजमेंट का काम संभालती थीं। साथ ही वंचित बच्चों के लिए एक एनजीओ भी चलाती थीं।

तर्जनी मॉडलिंग भी करती थीं और अपनी खूबसूरती के दम पर साल 2023 में ‘मिसेज इंडिया’ का नामी खिताब अपने नाम किया था। उनके करीबियों के मुताबिक तर्जनी जितनी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में अनुशासित थीं, उतनी ही अपने परिवार से अटैच थीं।

विवेक के पिता दिल्ली मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं, उनकी हालत भी नाजुक है। उन्हीं का हाल जानने सीए अपनी मां, पत्नी और दो बेटियों संग दिल्ली आए थे। उनके मौसा-मौसी और मामा राजस्थान से आए थे। ये लोग होटल फ्लोरिश में ठहरे थे। सुबह ब्रेकफास्ट के वक्त होटल में आग लगी और सभी जिंदा जल गए।

मॉडल पत्नी और CA पति के PHOTOS

तर्जनी को मॉडलिंग का शौक था। वो अक्सर इंटाग्राम पर रील्स अपलोड करती रहती थीं।
तर्जनी को मॉडलिंग का शौक था। वो अक्सर इंटाग्राम पर रील्स अपलोड करती रहती थीं।
जब भी कोई फंक्शन होता तो तर्जनी कई सारी फोटोज इंस्टा पर अपलोड करती थीं।
जब भी कोई फंक्शन होता तो तर्जनी कई सारी फोटोज इंस्टा पर अपलोड करती थीं।
तर्जनी ने अपनी खूबसूरती के दम पर साल 2023 में 'मिसेज इंडिया' का नामी खिताब अपने नाम किया था।
तर्जनी ने अपनी खूबसूरती के दम पर साल 2023 में ‘मिसेज इंडिया’ का नामी खिताब अपने नाम किया था।
विवेक और तर्जनी की 20 साल पहले शादी हुई थी। दोनों की अरेंज मैरिज थी।
विवेक और तर्जनी की 20 साल पहले शादी हुई थी। दोनों की अरेंज मैरिज थी।

विवेक ने अपने बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया था। बेंगलुरु में बीटेक कर रही उसकी बड़ी बेटी जीविशा को दादा के बीमार होने का पता चला तो वो फ्लाइट पकड़कर सीधे दिल्ली आ गई।

मंगलवार को पूरा परिवार अस्पताल के पास ही स्थित मालवीय नगर के एक होटल में रुके थे। पोतियां जीविशा और वारिया दादा को देखकर आई थीं। इन्हें परिवार में प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाते थे। दोनों पोतियों समेत पूरा परिवार बुजुर्ग राधेश्याम के जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहा था, लेकिन होटल में अचानक लगी आग ने मिसेज इंडिया तर्जनी अग्रवाल समेत परिवार के पांच लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

हादसे के बाद से गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है और मुख्य गेट बंद हैं। पड़ोसियों का कहना है कि विवेक बेहद शालीन, हंसमुख और मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाले इंसान थे। पूरा सेक्टर इस बात से सदमे में है कि जो हंसता-खेलता परिवार दो दिन पहले अपनी गाड़ी से दिल्ली गया था, उसका एक सदस्य भी जिंदा नहीं बचा।

गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के मकान नंबर 3169 में सन्नाटा पसरा है।
गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित विवेक अग्रवाल के मकान नंबर 3169 में सन्नाटा पसरा है।

आग की लपटों और धुएं के गुबार के बीच जब बचने का कोई रास्ता नहीं बचा, तो कमरे के भीतर से विवेक अग्रवाल ने बदहवास हालत में अपने मामा के बेटे को फोन मिलाया। उन्होंने रोते हुए कहा, “हम चारों तरफ से भीषण आग में फंस गए हैं, दम घुट रहा है… बस हमारी बेटियों को कैसे भी करके बचा लो!”

जब तक उसका भाई दिल्ली के कोटला से आया, तब तक पूरा परिवार आग की चपेट में आ चुका था। यह विवेक की जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई।

परिवार की तस्वीर, जिसमें बेटी जीविशा और वारिया, विवेक की मां प्रेमलता और विवेक और उसकी पत्नी तर्जनी शामिल हैं।
परिवार की तस्वीर, जिसमें बेटी जीविशा और वारिया, विवेक की मां प्रेमलता और विवेक और उसकी पत्नी तर्जनी शामिल हैं।
Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!