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28 दिन के बेटे को छोड़ गए फौजी दिनेश वशिष्ठ, सड़क हादसे में मौत; सैन्य सम्मान से अंतिम विदाई

दिनेश वशिष्ठ 7 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे।-फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

दिनेश वशिष्ठ 7 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे।-फाइल फोटो

फरीदाबाद ( साहिल कसून ) हीरापुर गांव में 28 दिन पहले जिस घर में बेटे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। जिस पिता के आने का इंतजार नवजात की किलकारियों के बीच हो रहा था, वह तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा।

भारतीय सेना में तैनात जवान दिनेश वशिष्ठ (28) की सड़क हादसे में घायल होने के बाद 15 दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जंग चलती रही, लेकिन शनिवार को दिल्ली के आर्मी बेस अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार को ही पैतृक में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिनेश के जाने से पीछे पत्नी और 28 दिन का बेटा रह गए हैं।

अंतिम संस्कार की तस्वीरें…

शनिवार सुबह सेना की टीम दिल्ली से पार्थिव शरीर लेकर फरीदाबाद पहुंची।
शनिवार सुबह सेना की टीम दिल्ली से पार्थिव शरीर लेकर फरीदाबाद पहुंची।
शहीद की पार्थिव देह को घर लेकर जाते जवान।
शहीद की पार्थिव देह को घर लेकर जाते जवान।
सेना के जवानों ने शहीद को सलामी दी।
सेना के जवानों ने शहीद को सलामी दी।
दिनेश के पिता सूरज प्रकाश ने उन्हें मुखाग्नि दी।
दिनेश के पिता सूरज प्रकाश ने उन्हें मुखाग्नि दी।

दिनेश वशिष्ठ भारतीय सेना की 48 आर्म्ड रेजिमेंट की 22 आरआर यूनिट में SWR रैंक (सवार) पर तैनात थे। उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के बारामूला में थी। करीब 7 साल पहले वह सेना में भर्ती हुए थे। दिनेश की शादी 29 नवंबर 2022 को कोसी निवासी ज्योति से हुई थी। 28 दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। परिवार में खुशियों का माहौल था।

बेटे को देखने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए दिनेश 2 अक्टूबर की रात छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान फरीदाबाद में जेसीबी चौक के पास जिस गाड़ी में वह सवार थे, उसकी ट्रक से टक्कर हो गई। हादसे में दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गए। गाड़ी में उनके अलावा 5 अन्य लोग भी सवार थे, जो घायल हुए। उनकी हालत अब ठीक बताई जा रही है।

हादसे के बाद दिनेश को गंभीर हालत में पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया। अगले दिन उन्हें दिल्ली के आर्मी बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां करीब 15 दिन तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दिनेश के परिवार में पिता सूरज प्रकाश, बड़े भाई जयप्रकाश और दो बड़ी बहनें हैं। पत्नी ज्योति के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है।

हीरापुर गांव में हुए अंतिम संस्कार में काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
हीरापुर गांव में हुए अंतिम संस्कार में काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।

शनिवार को पैतृक गांव हीरापुर में दिनेश वशिष्ठ का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। पिता सूरज प्रकाश ने उन्हें मुखाग्नि दी।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

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